एसआईटी ने 23 जून को सरकार को 9 पेज की अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंपी थी, जिसके बाद इस केस में कई अहम कार्रवाई हुईं, जिनमें एफआईआर दर्ज किया जाना, मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और मंदिर ट्रस्ट के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों के इस्तीफे तक शामिल हैं.