उज्जैन में युवा धर्म संसद को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने धर्म और रिलिजन के अंतर, धन, पर्यावरण और जीवन में संतुलन को लेकर युवाओं के सामने अपनी बात रखी.