सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता की ओर से वकील ने तर्क दिया कि एक समान प्रोटोकॉल जरूरी है क्योंकि अलग-अलग राज्यों में शराब खरीदने की न्यूनतम कानूनी उम्र अलग-अलग है.