भारत में सोने की ऊंची कीमतों के बीच ग्राहक पुरानी ज्वेलरी देकर नए गहने खरीद रहे हैं. इससे सोने की घरेलू उपलब्धता का बेहतर इस्तेमाल हो रहा है और आयात पर निर्भरता भी कम हुई है.