व्यापारी संगठन ने कहा कि त्योहारों से लगभग एक हफ्ता पहले बाजारों में आमतौर पर गतिविधियां बढ़ जाती हैं, इसलिए इस रैली का समय व्यापारियों के लिए चिंता का विषय है.