पूर्व न्यायाधीश जस्टिस गोपाल गौड़ा ने SIR संबंधी फैसले की वैधता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस मामले में अवैधता और असंवैधानिकता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है.