दिल्ली जल बोर्ड ने 17 हजार करोड़ से अधिक की सीवर और जल सुधार परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिसके तहत 'वन जोन-वन ऑपरेटर' मॉडल अपनाया जाएगा और उसे ही पूरे सीवर नेटवर्क की जिम्मेदारी दी जाएगी.