जम्मू-कश्मीर पुलिस ने राजौरी में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े ओवरग्राउंड वर्कर (OGW) नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में आतंकियों की मदद करने के आरोप में 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी कोट चरवाल के रहने वाले हैं। उनकी पहचान मोहम्मद आजम, जाकिर हुसैन और मोहम्मद मुश्ताक के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी आतंकियों को पनाह देने के साथ उन्हें एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में मदद करते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक पिस्तौल, मैगजीन और गोलियां बरामद की हैं। इसके अलावा 2 चीनी ग्रेनेड भी मिले हैं। मामले में आगे की जांच जारी है। FIR नंबर की जांच के दौरान मॉड्यूल का पता चला पुलिस के मुताबिक, राजौरी के धरमसाल थाने में दर्ज FIR नंबर 95/2026 की जांच के दौरान इस मॉड्यूल का पता चला। जांच में सामने आया कि तीनों आरोपी प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े थे। उन्होंने आतंकियों को रहने की जगह दी और उन्हें एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में मदद की। आरोपियों ने 2023 में रियासी के चसाना में मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों की भी मदद की थी। जांच में यह भी पता चला कि उन्होंने कई आतंकी समूहों को रहने की जगह और दूसरी जरूरी मदद दी। आरोपियों ने राजौरी और रियासी के बीच आतंकियों को पहुंचाने में मदद की। इसके अलावा पीर पंजाल के रास्ते आतंकियों को शोपियां तक पहुंचाने का भी आरोप है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…