रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के मुताबिक, 'क्वांटम नेटवर्क' को तैयार करने में पूरी तरह स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. यह तकनीक आने वाले समय में क्वांटम कंप्यूटरों से होने वाले साइबर खतरों और जासूसी के हमलों से देश के संवेदनशील डेटा को पूरी तरह सुरक्षित रखेगी.