टेक्निकल ट्रेनिंग के साथ-साथ अगर जापानी भाषा और सांस्कृतिक समझ को भी सिलेबस का हिस्सा बनाया जाए, तो यह युवाओं के लिए जापान और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में रोजगार के नए और बेहतर द्वार खोलेगा.