विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम के नियमों को तोड़ा गया. संस्था को मिली ₹92.55 करोड़ की विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल निर्धारित धार्मिक या सामाजिक कार्यों के बजाय दूसरे संदिग्ध कामों के लिए किया गया.