अगली बार जब आप किसी ऐसे अधिकार का इस्तेमाल करें जो आपको गहराई से छूता है, तो शायद एक और सवाल पूछने लायक है. संविधान के उसी पन्ने पर कहीं, एक कर्तव्य भी है, जो आपसे कुछ मांग रहा है.