बॉम्बे हाईकोर्ट ने पीएम मोदी से जुड़े मानहानि मामले में राहुल गांधी की याचिका खारिज कर दी। उन्होंने 2019 में जारी मजिस्ट्रेट कोर्ट के समन को रद्द करने की मांग की थी। हालांकि, कोर्ट ने निचली अदालत में मानहानि की शिकायत पर सुनवाई छह हफ्ते तक टालने का आदेश बढ़ा दिया। इससे राहुल को इस अवधि में मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं होना पड़ेगा। उनके वकील ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल करने के लिए समय मांगा था। दरअसल, राहुल ने 2018 में राजस्थान की एक सभा में राफेल विमान डील पर पीएम को कमांडर-इन-थीफ यानी चोरों का सरदार कहा था। इस मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 28 अगस्त 2019 को मानहानि की शिकायत पर राहुल के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई थी। राहुल ने इस आदेश को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट बोला- मजिस्ट्रेट आदेश में कुछ गलत नहीं जस्टिस एनआर बोरकर की सिंगल बेंच ने कहा कि मजिस्ट्रेट के आदेश में कोई ऐसी गलती या गैरकानूनी बात नहीं है, जिससे हाईकोर्ट को हस्तक्षेप करना चाहिए। इसलिए याचिका खारिज की जाती है। BJP सदस्य की शिकायत पर कोर्ट का तर्क शिकायतकर्ता एमएच श्रीश्रीमल ने कहा कि वे BJP के सक्रिय सदस्य हैं और प्रधानमंत्री मोदी पार्टी का प्रमुख चेहरा हैं। इसलिए उनकी कथित टिप्पणी से वे भी आहत हुए हैं। राहुल के वकीलों ने कहा कि टिप्पणी प्रधानमंत्री के खिलाफ थी, BJP के खिलाफ नहीं। इसलिए शिकायतकर्ता को मानहानि का केस करने का अधिकार नहीं है। हाईकोर्ट ने यह दलील नहीं मानी। कोर्ट ने कहा कि BJP के सदस्यों का एक निश्चित समूह है और प्रधानमंत्री पार्टी का प्रमुख चेहरा हैं। ऐसे में टिप्पणी का असर पार्टी सदस्यों पर भी पड़ सकता है। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि टिप्पणी का असर BJP सदस्यों पर पड़ा या नहीं, यह ट्रायल में सबूत और गवाहों के बयान से तय होगा। 2018 की राजस्थान रैली से जुड़ा मामला शिकायत के मुताबिक, राहुल गांधी ने 20 सितंबर 2018 को राजस्थान की एक सभा में मोदी पर कथित मानहानिकारक टिप्पणी की थी। आरोप है कि उन्होंने 24 सितंबर को X पर वीडियो पोस्ट कर वही बात दोहराई। श्रीश्रीमल का दावा है कि इन बयानों से मोदी के साथ BJP सदस्यों और उनसे जुड़े नागरिकों को भी आहत किया गया। इसी आधार पर उन्होंने मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। राहुल के वकील सुदीप पसबोला और कुशल मोर ने सुप्रीम कोर्ट में अपील के लिए समय मांगा था। शिकायतकर्ता के वकील ने इसका विरोध किया, क्योंकि मामला 2021 से रुका हुआ है। इसके बाद हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश 6 हफ्ते बढ़ा दिया। राहुल को अभी मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश नहीं होना पड़ेगा, लेकिन मानहानि की शिकायत खारिज नहीं हुई है। मामले की सुनवाई निचली अदालत में जारी रहेगी।