भारत में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं. आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से अगस्त 2026 तक इससे जुड़ी 21,900 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हुईं और करोड़ों की ठगी हुई.