जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने कहा कि कांग्रेस का गठन मुख्य रूप से बढ़ती हिंदू-मुस्लिम दरार को रोकने के लिए हुआ था, न कि आजादी के लिए. उन्होंने देवबंद के उलेमाओं के अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष के बारे में भी बताया. मदनी ने सांप्रदायिकता खत्म कर सभी समुदायों से एकजुट होकर देश की तरक्की के लिए काम करने की अपील की.