सुप्रीम कोर्ट ने IPC धारा 294 पर अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सिर्फ गाली-गलौज या अभद्र भाषा का इस्तेमाल अश्लीलता नहीं है. अश्लीलता के लिए शब्दों का कामुक होना, यौन इच्छाएं भड़काना और कमजोर मन को भ्रष्ट करने की प्रवृत्ति होना जरूरी है.