राजीव से मोदी सरकार तक, 42 साल में वित्त मंत्रियों का अनोखा रिकॉर्ड है. 8 वित्त मंत्री चुनाव नहीं लड़े, जबकि एक चुनाव लड़कर हार गए. यानी जनता से दूरी बनाए रखी.