ट्रंप ने उसी ग्रुप पर भरोसा किया है, जिसे भारत में अपना स्टील का कारोबार बेचना पड़ा था. क़र्ज़ और दिवालिया प्रक्रिया के चलते आख़िरकार समूह को अपनी कई संपत्तियां बेचनी पड़ीं या उन पर से नियंत्रण छोड़ना पड़ा.