असम और बंगाल के अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और बाढ़ के पानी के बहाव तथा नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए संभावित खतरों का आकलन कर रहे हैं.