इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसले में कहा कि पहले की कक्षाओं में स्कार्फ पहनने पर स्कूल की ओर से आपत्ति नहीं जताए जाने से छात्रा को भविष्य में भी इसे पहनने का कोई कानूनी अधिकार हासिल नहीं हो जाता.