प्रदर्शन में वामपंथी नेता वृंदा करात और अन्य प्रदर्शनकारी महिलाओं ने हिस्सा लिया. वामपंथी संगठन, छात्र संगठन समेत कई लोग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दिल्ली पुलिस के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने उतरे.