नींद की कमी से आपको केवल थकान हो नहीं रहती, बल्कि याददाश्त, एकाग्रता, मूड और निर्णय लेने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है। बच्चों और किशोरों के मस्तिष्क के विकास के लिए पर्याप्त नींद जरूरी है।