भारत के दारुल उलूम देवबंद से शुरू हुआ देवबंदी)मदरसा, आज बांग्लादेश में मदरसों का सबसे बड़ा नेटवर्क बन गया है. संस्थानों की संख्या, छात्रों की तादाद और विस्तार, तीनों ही मामलों में बांग्लादेश अब भारत और पाकिस्तान से काफी आगे निकल चुका है.