ऑनलाइन सट्टेबाजी पर कानून सख्त होने के बावजूद देश में इसका बाजार खत्म नहीं हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, देश में ऑनलाइन सट्टेबाजी का बाजार करीब 10 लाख करोड़ रुपए का है। कानून सख्त होने के बाद कंपनियों ने अपने प्लेटफॉर्म विदेश शिफ्ट कर लिए और अब म्यूल खातों और टेलीग्राम के जरिए कारोबार चलाया जा रहा है। देश में 805 ऑनलाइन सट्टा प्लेटफॉर्म पर 540 करोड़ से ज्यादा विजिट दर्ज हुई हैं। यानी रोज करीब डेढ़ करोड़ लोग इन प्लेटफॉर्म तक पहुंच रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सट्टेबाजी के प्रचार के लिए 854 इन्फ्लुएंसर शामिल हैं। कानून से बचने के लिए नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। कंपनियां विदेश से प्लेटफॉर्म चला रही हैं, जबकि यूजर्स तक पहुंचने और लेनदेन के लिए म्यूल खाते, टेलीग्राम ग्रुप और दूसरे माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा है। दुनियाभर में 8 करोड़ वयस्क को सट्टे की लत; हर यूजर से जुड़े 6 लोग प्रभावित रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में 8 करोड़ वयस्क सट्टे की लत से जूझ रहे हैं। इसका असर सिर्फ सट्टा खेलने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता। हर यूजर से औसतन 6 लोग प्रभावित होते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 60% यूजर पैसे हारते हैं। इससे इलाज और पढ़ाई प्रभावित हो सकती है और इसका असर पीढ़ियों तक रह सकता है। एल्गोरिदम यूजर को खेल की आदत लगाते हैं ऑनलाइन गेमिंग में पैसे वाले खेलों के दौरान भ्रामक डिजाइन, लत बढ़ाने वाले एल्गोरिदम, बॉट और एजेंट का इस्तेमाल किया जाता है। जीत मिलने पर यूजर को इनाम का अहसास होता है। हारने के बाद रकम वापस पाने के चक्कर में अगला और बड़ा दांव लगाने की कोशिश होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, लत के तीन संकेत हैं—नियंत्रण खोना, सट्टे को प्राथमिकता देना और नुकसान के बावजूद खेलते रहना। भारत में 3 साल जेल, एक करोड़ तक जुर्माना ऑनलाइन मनी गेम चलाने या भुगतान कराने पर 3 साल तक जेल और एक करोड़ रुपए तक जुर्माना हो सकता है। विज्ञापन करने पर 2 साल तक जेल और 50 लाख रुपए तक जुर्माना हो सकता है। संचालन या भुगतान का अपराध दोहराने पर 5 साल तक जेल और 2 करोड़ रुपए तक जुर्माना हो सकता है। अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती हैं। बिना वारंट गिरफ्तारी हो सकती है।
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September 16, 2026 at 2:24 AM
भारत में ऑनलाइन सट्टे का 10 लाख करोड़ का बाजार:बैन के बावजूद रोज डेढ़ करोड़ लोग दांव लगा रहे; 854 इन्फ्लुएंसर प्रचार कर रहे
Dainik Bhaskar