इमरान ख़ान ने अपने वकील ज़ुल्फ़िकार मेमन और एमज़ेडएम लीगल के ज़रिए दायर याचिका में इस नोटिस को “ग़ैरक़ानूनी, अनुचित, कठोर और क़ानून की नज़र में अमान्य” बताया है.