सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हिरासत और गिरफ्तारी के बीच कोई बनावटी अंतर करना संवैधानिक रूप से गलत है. ऐसा करने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है.