सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तमिलनाडु से कहा कि हिंदी न पढ़ाने की सोच बदलें. ऐसा नहीं हो सकता कि तमिलनाडु की धरती पर हिंदी न पढ़ाई जाए. साथ ही केंद्र और राज्य के बीच बातचीत का सुझाव दिया.