महाराष्ट्र में कई मंत्रियों के दफ्तरों में 550 कर्मचारी और अधिकारी बिना सही प्रक्रिया के रखे गए थे. मुख्यमंत्री कार्यालय की जांच के बाद इन सभी को उनके पुराने विभागों में वापस भेज दिया गया है.