महंगी दवा बेचने वाली कंपनियों से सराकर को ₹8,447.4 करोड़ बसूलना बाकी है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने 10,029.8 करोड़ देने का आदेश दिया था। हालांकि, अब तक सिर्फ 1,582.4 करोड़ ही मिले हैं। यानी 84% राशि बकाया है। इसमें में से 5,800 करोड़ रुपए से ज्यादा रकम कानूनी विवादों में…