फ्रांस से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों ने अब यूरोप के छह देशों को अपनी चपेट में ले लिया है, जिसमें G7 सदस्य फ्रांस और इटली भी शामिल हैं. शिक्षा व्यवस्था की कमी, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी लोगों के आक्रोश