मनोज वाजपेयी ने लिखा, ''हममें से बहुत से लोग जो फ़िल्मों में अपनी जगह बनाने की उम्मीद लेकर मुंबई आए थे, उनके लिए नाना जी का सफ़र उम्मीद की एक मिसाल था.''