अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर पितृपक्ष खत्म होते ही नवरात्रि की शुरुआत क्यों हो जाती है, और आखिर पितरों को श्राद्ध देने के बाद ही मां दुर्गा की आराधना करने की परंपरा क्यों बनी?