महिलाओं के जननांग को लेकर बहस सिर्फ़ शरीर तक सीमित नहीं है. यह सत्ता, शर्म, सुंदरता और अपने शरीर के बारे में ख़ुद फ़ैसला लेने के अधिकार से भी जुड़ी है. समय के साथ यह प्रजनन क्षमता के प्रतीक से शर्म की वस्तु और फिर सुंदरता के पहचान से राजनीतिक प्रतीक बन गया.
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September 27, 2026 at 9:49 AM
महिलाओं को अपने निजी अंगों पर शर्म करने के लिए किसने मजबूर किया?
BBC Hindi
Excerpt from BBC Hindi.