हिंसा में घायल पुलिसवालों के परिजनों ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने अपना दर्द बयां किया. परिजनों ने कहा कि हम भी इस देश के नागरिक हैं और हमें भी न्याय का हक है. हमारी आवाज को संसद में उठाया जाए.