डीके शिवकुमार ने कहा, "कर्नाटक में कन्नड़ लोगों का ही सबसे ज़्यादा अधिकार है. सरकार किसी भी हाल में उनके अधिकारों, सम्मान और अवसरों की अनदेखी नहीं होने देगी."