प्रकृति हर सुबह हमें पहला पाठ पढ़ाती है. वह बिना कुछ कहे कहती है, सांस लो. संविधान दूसरा पाठ देता है. वह कहता है, अपनी पहचान के साथ जियो, लेकिन बराबर गरिमा के साथ जियो.