90 के दशक में पैदा हुई पीढ़ी के लिए डोरेमॉन शायद कोई विदेशी किरदार नहीं। उसके गैजेट, नोबिता की मुसीबतें और डोरेमॉन की आवाज भारतीय बचपन की यादों का हिस्सा हैं। भारत में इस किरदार की टीवी एंट्री 2005 में हुई थी।