जस्टिस श्रीधरन ने कहा कि चढ़ावा चोरी से जुड़ा हाल का विवाद, सब्र का बांध टूटने जैसा है. समाज में भ्रटाचार ने इतना जड़ जमा लिया है कि अब सरकार को इस तरह के मामले के दोषियों को मृत्युदंड देने के लिए कानून में संशोधन करने पर विचार करना चाहिए.