पूर्व चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने मतदाता सूचियों के चल रहे विशेष गहन संशोधन (SIR) को लाखों लोगों पर थोपा जा रहा एक अनुचित अभ्यास बताया है और पूछा कि क्या ये न्यायसंगत है?