वर्जीनिया के रहने वाले हसन अमेरिकी सेना में साइकेट्रिस्ट थे. 2013 में हुई सैन्य अदालत की सुनवाई के दौरान उन्होंने स्वीकार किया था कि वही हमलावर थे.