जस्टिस यशवंत वर्मा के 2025 कैश कांड की जांच कर रही संसदीय समिति ने बुधवार को लोकसभा में रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में जस्टिस वर्मा के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप सही साबित हुए हैं। समिति की रिपोर्ट के मुताबिक, 14 अगस्त 2025 को जज के सरकारी आवास के स्टोररूम में 500 रुपए के नोटों में बड़ी मात्रा में कैश मिला था। जज कैश की मौजूदगी, उसके स्रोत और मालिकाना हक के बारे में संतोषजनक सफाई नहीं दे पाए। इसके साथ ही सबूतों को संभालने और सुरक्षित रखने में गंभीर लापरवाही पाई गई। अब 3 स्लाइड में जस्टिस वर्मा कैश केस का पूरा मामला समझिए... इसी साल 9 अप्रैल को जस्टिस यशवंत वर्मा ने इस्तीफा दिया 9 अप्रैल 2026 को जस्टिस वर्मा ने इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने लिखा था कि, मैं आपके सम्मानित कार्यालय को उन कारणों से परेशान नहीं करना चाहता, जिनकी वजह से मुझे यह पत्र लिखना पड़ रहा है। लेकिन गहरे दुख के साथ मैं इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रहा हूं। इस पद पर सेवा करना मेरे लिए सम्मान की बात रही है।
Back to Top News
Top
August 12, 2026 at 11:01 AM
कैश केस में हाईकोर्ट जस्टिस वर्मा पर लगे आरोप साबित:जांच समिति बोली- सबूतों से छेड़छाड़ हुई, घर पर नोटों की बोरी कहां से आई, नहीं बता पाए
Dainik Bhaskar