अमेरिका की 30 साल की बॉन्ड यील्ड 2004 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है. बढ़ती यील्ड, महंगे कच्चे तेल और फेड की दरों को लेकर चिंता से भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बढ़ा है.