निर्मोही अखाड़ा की याचिका में केंद्र सरकार को ट्रस्ट की योजना में बदलाव करने और इसे सार्वजनिक ट्रस्ट के रूप में पुनर्गठित करने का निर्देश देने की मांग की गई थी.