समिति का कहना है कि परीक्षा के दौरान देरी से पहुंचने वाले छात्रों को परीक्षा देने की अनुमति होनी चाहिए. उन्हें सिर्फ बचे समय के लिए ही परीक्षा देने की अनुमति दी जाए और उन्हें अतिरिक्त समय नहीं मिले.