कलाकारों की मृत्यु के बाद भी उनकी फिल्में बचती हैं। नाना की फिल्में भी बचेंगी। उनके संवाद भी बचेंगे। लेकिन उससे अधिक जो बचेगा, वह है उनका स्वभाव।