साल 2008 के आरुषि हत्याकांड से लेकर जयपुर की हालिया दिल दहला देने वाली घटना, समाज में संवेदनहीनता के अलार्मिंग स्तर को दिखा रही है. समाज अब गंभीर अपराध भी सामान्य मानकर मौन रह जाता है.