गांधी कल भी प्रासंगिक थे. आज भी हैं. कल भी रहेंगे. दुनिया में ऐसी कोई भी समस्या नहीं, जिसका समाधान गांधी के पास न हो. ऐसा कोई संकट नहीं है जिसका हल उनके विचारों में न मिलता हो.
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October 2, 2026 at 12:36 PM
बापू को नमन: 45 किलो का शरीर, लेकिन नैतिक वजन से हिल गई दुनिया, ऐसे थे साबरमती के संत
TV9 Bharatvarsh
Excerpt from TV9 Bharatvarsh.