गांधी कल भी प्रासंगिक थे. आज भी हैं. कल भी रहेंगे. दुनिया में ऐसी कोई भी समस्या नहीं, जिसका समाधान गांधी के पास न हो. ऐसा कोई संकट नहीं है जिसका हल उनके विचारों में न मिलता हो.