सरकार ने इंप्लॉयर्स को निर्देश दिया है कि EPFO ​​की सीमा बढ़ाने के बाद वे कर्मचारियों की तय सैलरी बनाए रखें. अब 15,000 से 25,000 रुपए के बीच कमाने वाले कर्मचारियों को 'ईपीएस' के तहत लाना जरूरी है.